पुणे , मई 29 -- महाराष्ट्र के पुणे में जहरीली शराब से हुए लोगों की मौत की घटना को लेकर कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा-शरद) ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा और इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले गृह विभाग को जिम्मेदार ठहराया है।
खबरों के अनुसार, पिंपरी-चिंचवड़ के फुगेवाड़ी इलाके और पुणे के हडपसर में कथित रूस से जहरीली शराब पीने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गयी। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने मृतकों के परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने राज्य सरकार असंवेदनशील और निष्क्रिय होने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य में अपराधी बैखौफ अपना काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में विभिन्न प्रकार के अपराधों में काफी वृद्धि हुई है। राज्य सरकार राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को लगातार नज़रअंदाज़ कर रही है। उन्होंने कहा कि गरीब और आम नागरिक इस बढ़ती आपराधिक गतिविधियों का शिकार बन रहे हैं।
श्री तिवारी ने ज़हरीली शराब से हुई मौतों के मामले में गहन जांच की मांग की और पुलिस से अवैध शराब के व्यापार के पीछे के पूरे नेटवर्क का पता लगाने का आग्रह किया। उन्होंने मौतों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को कड़ी सज़ा देने की भी मांग की। सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों की चेतावनी देते हुए श्री तिवारी ने कहा कि यदि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरने के लिए विवश हो जाएगी। उन्होंने सरकार से कानून प्रवर्तन को मज़बूत करने और पूरे राज्य में अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा करने की भी मांग की।
राकांपा विधायक रोहित पवार ने शुक्रवार को उस अवैध शराब के अड्डे पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर वहां का काउंटर तोड़ दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान इस समूह ने टिन की चादरें भी हटा दीं और इमारत के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचाया।
बाद में श्री पवार ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि अवैध शराब की बिक्री से जुड़ी बार-बार होने वाली घटनाओं के बावजूद प्रशासन और पुलिस कार्रवाई करने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब व्यवस्था आम नागरिकों की रक्षा करने में विफल हो जाती है, तो लोगों को मजबूर होकर मामलों को अपने हाथों में लेना पड़ता है।
उन्होंने दावा किया कि नकली शराब के कारण गरीब लोगों की जान जा रही है, जबकि अधिकारी निष्क्रिय बने हुए हैं।
उन्होंने प्रशासन की 'चुनिंदा कार्रवाई' की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि 'बुलडोज़र कार्रवाई' केवल कुछ मामलों में ही की जाती है, जबकि आम नागरिक लगातार परेशान होते रहते हैं।
श्री पवार ने प्रभावित परिवारों और ससून जनरल अस्पताल में इलाज करा रहे पीड़ितों से भी मुलाकात की। उन्होंने पुलिस पर इस मामले में बड़े अपराधियों को बचाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर एक आरोपी से आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया था, ताकि अवैध शराब के व्यापार के पीछे का बड़ा नेटवर्क जांच से बच सके।
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