पुणे , सितंबर 17 -- महाराष्ट्र के पुणे के खड़की स्थित पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन सेंटर में इलाज और पुनर्वास से गुजर रहे लगभग 45 जवानों ने 'वर्चुअल रियलिटी' या आभासी वास्तविकता की तकनीक से प्रसिद्ध श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति की आरती का जीवंत अनुभव लिया।
इस अत्याधुनिक तकनीक के जरिए शारीरिक रूप से मंदिर पहुंचने में असमर्थ सैनिकों को बप्पा के प्रत्यक्ष दर्शन और आरती का दिव्य अनुभव प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर पीआरसी के चिकित्सा निदेशक डॉ. (कर्नल) आर. के. मुखर्जी भी मौजूद थे और उन्होंने इस तकनीकी और भावनात्मक पहल की सराहना की।
यह विशेष आयोजन श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और पुणे की टेक्नोलॉजी कंपनी 'क्यूबिट' के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया था। जवानों को आधुनिक वीआर हेडसेट प्रदान किए गए थे, जिनके माध्यम से उन्होंने 360-डिग्री फॉर्मेट में आरती का ऐसा अनुभव किया जैसे वे स्वयं मंदिर प्रांगण में उपस्थित हों।
वीआर तकनीक के जरिए दर्शन करने वाले सैनिकों ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि शारीरिक रूप से असमर्थ होने के बावजूद इस तकनीक ने उन्हें ऐसा अहसास कराया कि वे सीधे बप्पा के सामने खड़े हैं।
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