पुणे (महाराष्ट्र) , सितंबर 12 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व पार्टी प्रवक्ता डॉ. रत्नाकर महाजन का शनिवार सुबह यहां उनके आवास पर निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे।

श्री महाजन पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। शनिवार को नवी पेठ स्थित वैकुंठ श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन से कांग्रेस ने एक विद्वान, सौम्य और वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध नेता खो दिया है।

पेशे से चिकित्सक रहे डॉ. महाजन समाजवादी विचारधारा से गहराई से प्रभावित थे और इसी प्रतिबद्धता के कारण उन्होंने सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश किया था। उन्होंने महाराष्ट्र राज्य नियोजन बोर्ड के अध्यक्ष और 'लोकबोधिनी' संस्था के प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। आपातकाल के दौरान उन्होंने सामाजिक व राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया था और इस दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।

वह जयप्रकाश नारायण, डॉ. राम मनोहर लोहिया, एस.एम. जोशी, एन.जी. गोरे, जी.पी. प्रधान, गोपाल गणेश आगरकर और महात्मा गांधी के विचारों से काफी प्रभावित थे और जीवन भर उनके सिद्धांतों पर चले।

श्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान, जब पार्टी राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही थी, तब श्री महाजन ने कांग्रेस प्रवक्ता के रूप में विभिन्न मुद्दों पर पार्टी का रुख अत्यंत प्रभावी ढंग से रखा।

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