पुडुचेरी , मार्च 16 -- पुडुचेरी में एक कड़े चुनावी समर की तैयारी शुरू हो गई है, जहाँ अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) मुख्य मुकाबले में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और कांग्रेस गठबंधन के खिलाफ है फिर से जनादेश की तलाश में है। केंद्र शासित प्रदेश की सभी 30 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है।

मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी के नेतृत्व वाली सरकार विकास के रिकॉर्ड और व्यक्तिगत ईमानदारी की छवि के साथ चुनावी मैदान में उतर रही है। हालांकि, भ्रष्टाचार के आरोपों, बढ़ते अपराध और पूर्ण राज्य का दर्जा न मिलने जैसी पुरानी मांगों को लेकर मतदाताओं की नाराजगी गठबंधन की परीक्षा ले सकती है।

दूसरी ओर, द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन के नेतृत्व वाला विपक्ष वादों और अनिश्चितताओं के बीच खड़ा है। जहाँ कांग्रेस की मजबूत उपस्थिति और द्रमुक का जमीनी नेटवर्क गठबंधन की ताकत है, वहीं नेतृत्व के सवाल और सीट-बंटवारे को लेकर जारी खींचतान चुनाव पर असर डाल सकती है। सत्ता विरोधी लहर विपक्ष के लिए अवसर पैदा कर सकती है, लेकिन एक एकजुट विकल्प पेश करना उनके लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

चुनाव आयोग ने रविवार को चुनावी कार्यक्रम की घोषणा की, जिसके अनुसार सभी 30 सीटों पर नौ अप्रैल को मतदान होगा और चार मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

पुडुचेरी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पी. जवाहर ने सभी राजनीतिक दलों से आदर्श चुनाव आचार संहिता का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि सरकारी कर्मचारियों द्वारा किसी भी उल्लंघन पर अनुशासनात्मक और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

पुडुचेरी, कराइकल, माहे और यनम के 30 निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 9.44 लाख पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 5 लाख महिलाएं और 139 तृतीय-लिंग (थर्ड-जेंडर) मतदाता शामिल हैं। चुनाव के लिए कुल 1,099 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 30 बूथों का प्रबंधन पूरी तरह से महिला कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा।

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