पुडुचेरी , अप्रैल 07 -- तमिलनाडु के उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को पुडुचेरी को राज्य का दर्जा न देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्रशासित प्रदेश के लोग नफरत की राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के पुत्र उदयनिधि स्टालिन ने पुडुचेरी के मतदाताओं से नौ अप्रैल के विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ अखिल भारतीय एन आर कांग्रेस (एआईएनआरसी) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को बाहर करने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु के लोग भी 23 अप्रैल के चुनावों में राजग को स्वीकार नहीं करेंगे।
पुडुचेरी को राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग इस विधानसभा चुनाव में एक प्रमुख मुद्दे के रूप में उभरी है। भाजपा को छोड़कर एन आर कांग्रेस समेत लगभग सभी दल इस मांग का समर्थन करते हुए मतदाताओं का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।
इंडिया गठबंधन के कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करते हुए श्री उदयनिधि ने कहा कि पुडुचेरी कभी भी नफरत की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं देगा, लेकिन अब पुडुचेरी में 'फासीवादी भाजपा' की घुसपैठ बढ़ गई है।
उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा जनविरोधी योजनाओं के परीक्षण के लिए पुडुचेरी का उपयोग कर रही है। भाजपा की नई शिक्षा नीति को पुडुचेरी में ही लागू किया गया था। अगली पीढ़ी के भविष्य को खराब करने वाली योजनाओं को भी पुडुचेरी में लागू किया जा रहा था, जबकि तमिलनाडु में श्री स्टालिन भाजपा की सभी साजिशों को विफल कर रहे हैं।
श्री उदयनिधि ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते रहे हैं कि अगर राज्य और केंद्र दोनों में एक ही पार्टी की सत्ता हो तो अधिक विकास होगा। उन्होंने सवाल किया, "क्या तथाकथित डबल इंजन सरकार के कारण पुडुचेरी में कोई विकास हुआ है?"द्रमुक नेता ने कहा कि तमिलनाडु में द्रविड़ मॉडल की सिंगल इंजन सरकार के साथ श्री स्टालिन ने दोहरे अंक का विकास सुनिश्चित किया है और राज्य ने दोहरी (11.19 प्रतिशत) आर्थिक वृद्धि दर्ज की है।
श्री उदयनिधि ने कहा कि जहां भाजपा तमिलनाडु में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के कंधों पर सवार है, वहीं पुडुचेरी में भी वह एनआर कांग्रेस की पीठ पर सवार होकर चल रही है। अगर भाजपा सरकार वास्तव में पुडुचेरी के लोगों के प्रति चिंतित है, तो उसे राज्य का दर्जा दिया जाना चाहिए था, जो लोगों की पुरानी मांग है।
द्रमुक नेता ने कहा कि 16 प्रस्ताव पारित करने के बाद भी उन्होंने राज्य का दर्जा नहीं दिया। इसका मतलब यह नहीं है कि श्री मोदी ऐसा नहीं कर सके, बल्कि वह ऐसा करना नहीं चाहते। भाजपा पुडुचेरी पर पूरा नियंत्रण चाहती है और अब सभी शक्तियां उपराज्यपाल के पास निहित हैं। यदि राज्य का दर्जा दिया गया, तो उपराज्यपाल वे शक्तियां खो देंगे। भाजपा उपराज्यपाल के माध्यम से पुडुचेरी पर शासन करने की सोच रही है।
यह देखते हुए कि पुडुचेरी में चुनी हुई सरकार के लिए कोई सम्मान नहीं है और उपराज्यपाल प्रशासन के दिन-प्रतिदिन के सभी मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं, श्री उदयनिधि ने कहा कि पुडुचेरी को दिल्ली से नियंत्रित किया जा रहा है।
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