पुडुचेरी , अप्रैल 16 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने पुडुचेरी में केंद्र सरकार की प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को 'राजनीति से प्रेरित' बताते हुए गुरुवार को इसकी कड़े शब्दों में निंदा की।
भाकपा राज्य समिति के सदस्य और पूर्व विधायक एनआर कलैनाथन ने एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में जल्दबाजी कर रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य संसदीय प्रतिनिधित्व में दक्षिणी राज्यों की हिस्सेदारी को कम करना और संसद में उनकी आवाज को कमजोर करना है।
श्री कलैनाथन ने जोर देकर कहा कि प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन पेश करने से पहले सभी राज्यों और राजनीतिक दलों के विचार सुने जाने चाहिए थे और एक सर्वसम्मत व लोकतांत्रिक निर्णय लिया जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि आम सहमति बनाए बिना राजनीतिक लाभ के लिए की जा रही यह जल्दबाजी देश की अखंडता के खिलाफ है।
वहीं, माकपा के राज्य सचिव रामचंद्रन ने कहा कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की आड़ में केंद्र सरकार दक्षिणी राज्यों के लिए खतरा पैदा करने की कोशिश कर रही है।
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