रायगढ़ , नवंबर 06 -- केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रायगढ़ जिले में एक ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित ''सोलर मॉडल विलेज'' के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तरीय चयन समिति ने आधिकारिक रूप से प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रतियोगिता में केवल वही ग्राम शामिल होंगे जिनकी आबादी पांच हजार से अधिक है। इस मानक के आधार पर जिले के सर्वाधिक आबादी वाले 10 ग्रामों को आगामी छह माह की प्रतिस्पर्धा के लिए चुना गया है।
शनिवार को जिला पीआरओ से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार पर विशेष जोर देते हुए जिलों को लक्ष्य प्राप्ति के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर सौर ऊर्जा अभियान को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से रायगढ़ जिला प्रशासन ने तेजी से पहल की है।
प्रतियोगिता हेतु चयनित ग्रामों में घरघोड़ा विकासखंड का कुडुमकेला, तमनार का तमनार और तराईमाल, रायगढ़ विकासखंड का खैरपुर, धरमजयगढ़ का विजयनगर और छाल, लैलूंगा का गहनाझरिया, पुसौर के गढ़मरिया, सिसरिंगा और कोडातराई शामिल हैं। इन सभी ग्रामों में सौर ऊर्जा अपनाने, जनजागरूकता अभियान, घरों एवं सामुदायिक भवनों में सौर संयंत्र स्थापना और योजनाओं के लिए ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहेगा।
प्रत्येक चयनित ग्राम में आदर्श ग्राम समिति का गठन किया जा रहा है, जिसमें सरपंच से लेकर शिक्षक, डॉक्टर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और कृषि विस्तार अधिकारी तक शामिल होंगे। यह समिति घर-घर पहुंचकर सौर ऊर्जा के लाभ बताएगी तथा पी.एम. कुसुम योजना, सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर हाईमास्ट और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा सुविधाओं की जानकारी देगी।
क्रेडा के सहायक अभियंता विक्रम वर्मा के अनुसार, छह माह की अवधि पूरी होने पर जिला स्तरीय समिति द्वारा सभी ग्रामों का मूल्यांकन किया जाएगा। सौर संयंत्रों की स्थापना, ग्रामीणों की सहभागिता और नवाचारों के आधार पर सर्वश्रेष्ठ ग्राम को सोलर मॉडल विलेज घोषित किया जाएगा। इसके बाद चयनित ग्राम का विस्तृत डीपीआर तैयार कर 15 मार्च 2026 तक ऊर्जा विभाग को भेजा जाएगा।
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