रांची , जुलाई 27 -- झारखंड के रांची में सर्व सेवा समिति संस्था (4एस-इंडिया) द्वारा टाटा ट्रस्ट्स, पॉल हैम्लिन फाउंडेशन और कॉमन ग्राउंड के सहयोग तथा फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी के साझेदारी सहयोग से आयोजित पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) समुदायों के विकास पर केंद्रित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का आज रांची के होटल चाणक्य में शुभारंभ हुआ।

सम्मेलन का उद्देश्य पीवीटीजी समुदायों के अधिकार, सम्मान, सतत आजीविका, नेतृत्व विकास और अत्यधिक गरीबी से स्थायी रूप से बाहर निकलने के लिए साझा रणनीति तैयार करना है। इस सम्मेलन में समुदाय की भागीदारी को सबसे अधिक महत्व दिया गया है, ताकि विकास की योजनाएँ उनकी जरूरतों और अनुभवों के आधार पर बनाई जा सकें।

कार्यक्रम की शुरुआत पाकुड़ जिले की पहाड़िया समुदाय की महिलाओं द्वारा पारंपरिक गीत एवं नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से हुई। इस अवसर पर उनकी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और पहचान को मंच पर प्रस्तुत किया गया। सम्मेलन में झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से आए लगभग 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें पीवीटीजी समुदाय के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, विकास विशेषज्ञ, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, शोधकर्ता तथा सरकारी विभागों के अधिकारी शामिल हैं।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए 4एस-इंडिया के कार्यकारी निदेशक मिहिर सहाना ने कहा कि पीवीटीजी समुदायों के विकास के लिए वर्षों से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी भी कई परिवार शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका और सरकारी योजनाओं तक पहुँच जैसी मूलभूत चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों का समाधान तभी संभव है, जब समुदाय स्वयं विकास प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बने।

उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि समुदाय के अनुभवों से सीखते हुए भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का प्रयास है।

दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में निम्न विषयों पर चर्चा होगी- पीवीटीजी समुदायों के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा, सामुदायिक नेतृत्व का विकास, सतत और सम्मानजनक आजीविका, अत्यधिक गरीबी से बाहर निकलने के लिए स्नातक दृष्टिकोण, सरकारी योजनाओं तक बेहतर पहुँच, समुदाय आधारित विकास की साझा कार्ययोजना।

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