पाकुड़, 24 जून (वार्ता) झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि पीवीटीजी वर्ग के मतदाताओं का विवरण ब्लॉक स्तर के कार्यालय में उपलब्ध रहता है, ऐसे मतदाताओं को एसआईआर में दस्तावेज देने के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो इस हेतु पदाधिकारी पहले से व्यवस्था कर लें।

श्री कुमार ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में ईआरओ एवं एईआरओ की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। मतदाता सूची के निर्माण एवं मतदाताओं के नोटिस एवं सुनवाई में निर्णय लेने के लिए शक्तियाँ प्रदान की गई हैं। पदाधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों का अनुपालन करते हुए अपने कार्यों का निष्पादन करें।

श्री कुमार संथाल परगना के दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन पाकुड़ जिला समाहरणालय सभागार में पाकुड़, गोड्डा एवं साहेबगंज जिले के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ इन जिलों में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के क्रम में नए मतदाताओं को जोड़ने के भी प्रावधान हैं। उन्होंने कहा कि भारत के वे सभी पात्र नागरिक जो मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हैं और 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर रहे हैं, वे इन्यूमरेशन फेज (30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026) और दावे एवं आपत्ति अवधि (5 अगस्त 2026 से 4 सितंबर 2026) के दौरान, स्वयं या स्वयं और माता-पिता में से किसी एक या स्वयं और माता-पिता दोनों के लिए अपनी जन्मतिथि के आधार पर घोषणा पत्र और आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रपत्र-6 में आवेदन जमा कर सकते हैं।

श्री कुमार ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के क्रम में पदाधिकारी गंभीरता से कार्य करें, किसी प्रकार के आदेश पारित करते समय अथवा प्रशिक्षण देते समय भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए सभी दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी गोड्डा लोकेश मिश्रा, पाकुड़ जिला निर्वाचन पदाधिकारी मेघा भारद्वाज, साहिबगंज जिला निर्वाचन पदाधिकारी दीपक कुमार दुबे सहित तीनों जिलों के सभी विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ, एईआरओ, उप निर्वाचन पदाधिकारी सहित निर्वाचन से संबंधित जिला स्तर के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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