पीलीभीत , अक्टूबर 15 -- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में बरखेड़ा स्थित बजाज चीनी मिल पर गन्ना किसानों का 112 करोड़ रुपये से अधिक बकाया होने के मामले में प्रशासन ने वसूली की कार्रवाई तेज कर दी है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण किसानों की शिकायतों और मामले में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद तहसील प्रशासन ने मिल की अचल संपत्तियों को चिह्नित कर कुर्की की प्रक्रिया शुरू की है। निर्धारित समय में बकाया जमा नहीं होने पर कुर्क संपत्तियों की नीलामी कर रकम वसूलने की तैयारी है।
बीसलपुर के उपजिलाधिकारी नागेंद्र पांडेय ने बताया कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। यदि निर्धारित समय में बकाया रकम जमा नहीं की गई तो कुर्क संपत्तियों की नीलामी के माध्यम से वसूली की जाएगी। इस मामले में किसानों के गन्ना भुगतान के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे किसान नेता सरदार वीएम सिंह ने 'यूनीवार्ता' से कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्तारूढ़ दल सहित सभी राजनीतिक पार्टियां किसानों के हितों की बात तो करती हैं, लेकिन व्यवहार में मिल मालिकों के पक्ष में खड़ी नजर आती हैं।
वीएम सिंह ने बताया कि वह गुरुवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब बहुजन समाज पार्टी भी मिल मालिकों का पक्ष ले रही है। उनके अनुसार, अदालत में सतीश मिश्र ने मिल मालिकों की ओर से दलील दी कि यदि चीनी मिल नहीं चलेगी तो किसानों के गन्ने की पेराई कौन करेगा। इस पर वीएम सिंह ने सवाल उठाया कि यदि भुगतान नहीं मिलने के कारण किसान गन्ना उगाना ही बंद कर देंगे, तो क्या चीनी मिल में टमाटर और आलू की पेराई की जाएगी।
किसान नेता ने कहा कि चुनाव नजदीक होने के कारण राजनीतिक दलों को धन की जरूरत है और इस वजह से किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा पीछे छूट रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार से मांग की कि पूरी ईमानदारी से कार्रवाई कर किसानों को उनका बकाया ब्याज सहित दिलाया जाए। ऐसा नहीं होने पर सरकार को किसानों का विरोध झेलना पड़ सकता है।
बरखेड़ा चीनी मिल पर गन्ना किसानों का 112 करोड़ रुपये से अधिक बकाया होने से किसान लंबे समय से परेशान हैं। फसल की आपूर्ति करने के बावजूद भुगतान नहीं मिलने के कारण उन्हें अपनी उपज की कमाई के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। प्रशासन की कुर्की की कार्रवाई से अब बकाया रकम की वसूली और किसानों को भुगतान मिलने की उम्मीद जगी है।
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