पीलीभीत , मई 04 -- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक बैंक शाखा प्रबंधक पर राइस मिल मालिक के खाते से 4.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपी प्रबंधक समेत अन्य अज्ञात बैंक कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामला 'उजैफा एग्रीगेट राइस मिल' के मालिक मोहम्मद जीशान से जुड़ा है, जो कोतवाली क्षेत्र के केजीएन-2 कॉलोनी निवासी हैं। पीड़ित के मुताबिक उनका खाता पहले इंडियन बैंक में था, जिसे पंजाब एंड सिंध बैंक की टनकपुर बाइपास शाखा में स्थानांतरित कराया गया। आरोप है कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक राधेश्याम प्रभाकर ने कम ब्याज दर और 25 करोड़ रुपये तक की क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का लालच देकर खाता ट्रांसफर कराया। वर्ष 2024 में बैंक द्वारा 15 करोड़ रुपये का ऋण भी स्वीकृत किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, क्रेडिट लिमिट बढ़ाने की प्रक्रिया के नाम पर शाखा प्रबंधक ने व्हाट्सएप के माध्यम से पीड़ित से कई चेक की तस्वीरें मंगवाईं। आरोप है कि 6 मई 2025 से 23 जनवरी 2026 के बीच करीब 20 चेक की फोटो भेजी गईं, जिन पर पीड़ित के हस्ताक्षर नहीं थे और मूल चेक उनके पास सुरक्षित हैं।

पीड़ित का आरोप है कि इन तस्वीरों का दुरुपयोग करते हुए शाखा प्रबंधक ने अन्य बैंक कर्मियों की मिलीभगत से खाते से 4.15 करोड़ रुपये निकाल लिए। जब इस संबंध में शिकायत की गई तो बैंक की ओर से रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में इसे पूरा नहीं किया गया।

न्यायालय के निर्देश पर थाना सुनगढ़ी पुलिस ने आरोपी शाखा प्रबंधक और अन्य अज्ञात कर्मियों के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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