लखनऊ , अक्टूबर 31 -- उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। पीलीभीत में ईसीआईनेट पोर्टल पर कंप्यूटर सहायक की लॉग-इन आईडी के दुरुपयोग की शिकायत सामने आने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने प्रदेश के सभी जिलों में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) कार्यालयों में तैनात कंप्यूटर सहायकों की लॉग-इन आईडी तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से 31 अक्टूबर को जारी निर्देश में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को अपने-अपने जिलों में इस आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। इसके तहत सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता पंजीकरण केंद्रों पर कार्यरत कंप्यूटर सहायकों की लॉग-इन आईडी बंद कराई जाएगी। इसके बाद वे अपनी आईडी के माध्यम से ईसीआईनेट पोर्टल पर किसी भी तरह की गतिविधि नहीं कर सकेंगे।

निर्देश के मुताबिक, जिला निर्वाचन अधिकारी अपने जिले के सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित करेंगे। सभी संबंधित लॉग-इन आईडी निष्क्रिय होने के बाद ईआरओ से इसकी पुष्टि प्राप्त की जाएगी।

इसके साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारियों को स्वयं प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में की गई कार्रवाई का सत्यापन कर अनुपालन रिपोर्ट तत्काल मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजने को कहा गया है। इस कार्रवाई की मुख्य वजह पीलीभीत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र संख्या 127 में सामने आया मामला है। यहां ईसीआईनेट पोर्टल पर कंप्यूटर सहायक को उपलब्ध कराई गई लॉग-इन आईडी के दुरुपयोग से संबंधित शिकायत और सूचनाएं प्राप्त हुई थीं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित आउटसोर्स कंप्यूटर सहायक की सेवा तत्काल समाप्त करने का निर्देश भी संबंधित फर्म को दे दिया है। निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से संबंधित कार्यों की शुचिता, सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस संबंध में जारी निर्देशों का तत्काल और प्राथमिकता के आधार पर पालन करना होगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कार्रवाई में किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

गौरतलब है कि पीलीभीत में सामने आए एक मामले के बाद प्रदेशव्यापी स्तर पर कंप्यूटर सहायकों की लॉग-इन आईडी निष्क्रिय करने का फैसला मतदाता सूची से जुड़े डिजिटल कामकाज की निगरानी और सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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