पीलीभीत , जुलाई 26 -- उत्तर प्रदेश में पीलीभीत बाघ अभ्यारण (पीटीआर) की माला रेंज में शनिवार को तड़के घायल अवस्था में मिली बाघिन की देर रात उपचार के दौरान मौत हो गयी। वन विभाग के उप निदेशक मनीष सिंह ने रविवार को इसकी पुष्टि की। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाघिन की मौत के कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि उसकी मौत पुराने घाव, आपसी संघर्ष या किसी अन्य वजह से हुई है। साथ ही वन विभाग आसपास के क्षेत्र में भी निगरानी बढ़ा रहा है ताकि अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पांच वर्ष की बाघिन को शनिवार को तड़के लगभग पांच बजे नियमित गश्त के दौरान वनकर्मियों ने घायल अवस्था में देखा था। प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि वह किसी दूसरे बाघ के साथ टेरिटोरियल फाइट (क्षेत्रीय संघर्ष) में घायल हुई है। इसके बाद पशु चिकित्सक दक्ष गंगवार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय मेडिकल टीम गठित कर उसका उपचार शुरू कराया गया।
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