नयी दिल्ली , मार्च 29 -- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कैमरून के याउंडे में चल रही विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की 14वीं मंत्री स्तरीय बैठक ( एमसी14) के दौरान कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में हाल ही में शुरू हुई भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता को गति देने पर चर्चा हुई।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की रविवार जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार दोनों पक्षों नेमुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के ढांचे से बाहर विविध क्षेत्रों में सहयोग की रणनीति विकसित करने और जहाज निर्माण, फार्मास्यूटिकल्स, पर्यटन और शिक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की। श्री सिद्धू ने श्री गोयल की मई में प्रस्तावित कनाडा की आगामी यात्रा के कार्यक्रम का स्वागत किया । इस यात्रा में श्री गोयल के साथ भारत का एक बड़ा व्यापार प्रतिनिधिमंडल भी जाएगा। भारत ने एयरोस्पेस, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे उच्च-तकनीकी क्षेत्रों को कवर करने वाले व्यापार प्रतिनिधिमंडल को भारत भेजने के कनाडा के प्रस्ताव का भी समर्थन किया है। स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के महत्व को रेखांकित करते हुए, दोनों मंत्रियों ने परमाणु ऊर्जा और कृषि और महत्वपूर्ण खनिजों सहित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं का पता लगाने पर सहमति व्यक्त की।

एमसी-14 के एजेंडे में मंत्रियों ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) सुधारों, इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर सीमा शुल्क में स्थगन, विकास हेतु निवेश सुविधा समझौते को शामिल करने, विवाद निपटान और बहुपक्षीय अंतरिम अपील मध्यस्थता व्यवस्था (एमपीआईए) पर विचार-विमर्श किया। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि डब्ल्यूटीओ को अपने मूलभूत सिद्धांतों को संरक्षित रखते हुए सर्वसम्मति आधारित संगठन बने रहना चाहिए। इसके अलावा, भारत ने कहा कि डब्ल्यूटीओ को पुराने वादों को पूरा करने से पहले, विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में, अधूरे पड़े पूर्व वादों को प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि नए मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कनाडा ने भारत की चिंताओं को स्वीकार किया और सुझाव दिया कि दोनों देशों को विशिष्ट व्यापार मुद्दों पर भिन्न-भिन्न दृष्टिकोणों का सम्मान करते हुए, डब्ल्यूटीओ के तत्वावधान में रचनात्मक सहयोग जारी रखना चाहिए।

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