पटना , मई 30 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को अनाज के बजाय डिजिटल करेंसी देने के केंद्र सरकार के प्रस्तावित निर्णय का कड़ा विरोध किया है। भाकपा के राज्य सचिव रामनरेश पांडेय ने इस फैसले की निंदा करते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) को कमजोर करने और धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में उठाया गया कदम है।उन्होंने आरोप लगाया कि योजना लागू होने से पहले ही बिहार में लगभग 35 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार द्वारा पीडीएस में डिजिटल करेंसी (ई-रूपी/डिजिटल वाउचर) के उपयोग का निर्णय लिया गया है, जिससे लाभार्थियों को सीधे अनाज के बजाय डिजिटल भुगतान मिलेगा।

भाकपा नेता ने कहा कि इससे गरीबों की खाद्य सुरक्षा प्रभावित होगी और देश में एक बार फिर भूखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि इस व्यवस्था से किसानों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद प्रभावित होगी और पीडीएस दुकानदारों की आजीविका पर भी संकट आएगा। उन्होंने केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए आम जनता से आंदोलन तेज करने की अपील की है।

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