लखनऊ , अक्टूबर 26 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके त्वरित एवं संतोषजनक निस्तारण के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार 'नर सेवा-नारायण सेवा' के भाव से जनसेवा कर रही है। ऐसे में अधिकारियों का दायित्व है कि वे हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए उसकी समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं लोगों के बीच पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने फरियादियों के प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान कराना सरकार की प्राथमिकता है।

जमीन पर अवैध कब्जे और कमजोर लोगों को उजाड़ने की शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जा करने वालों और निर्बल लोगों को परेशान करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा न जाए और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जमीन-जायदाद से जुड़ा विवाद पारिवारिक है तो संबंधित पक्षों को बैठाकर आपसी संवाद के माध्यम से समाधान का प्रयास किया जाए। वहीं, राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों का निस्तारण पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जो लोग किसी कारणवश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने से वंचित हैं, उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को पीड़ितों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने और हर संभव मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का एक अलग मानवीय रूप भी देखने को मिला। अपनी मां के साथ पहुंचे एक बच्चे से मुख्यमंत्री ने आत्मीयता से बातचीत की। मुख्यमंत्री को अपने बीच देखकर मासूम मुस्कुराने लगा। योगी आदित्यनाथ ने उसे चॉकलेट दी तो बच्चा खुशी से खिलखिला उठा और तुरंत चॉकलेट ले ली। मुख्यमंत्री और बच्चे के बीच हुई इस आत्मीय बातचीत ने वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी।

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