मुजफ्फराबाद , अगस्त 06 -- पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पार्टी 'मुस्लिम लीग-नवाज' (पीएमएल-एन) ने बड़ी जीत हासिल की है। पाकिस्तान की चुनाव आयोग के मुताबिक, पहले दो चरणों में हुई 34 सीटों पर चुनाव में से पीएमएल-एन ने 24 सीटों पर कब्जा जमा लिया है।

बाकी बची 11 सीटों के लिए 10 अगस्त को मतदान होगा, लेकिन उससे पहले ही पार्टी ने बहुमत के लिए जरूरी 23 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही, एक दशक बाद इस इलाके में शरीफ परिवार की फिर से सत्ता में वापसी हो गई है।

ये चुनाव काफी तनाव, विरोध प्रदर्शनों और धांधली के आरोपों के बीच हुए। 'जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी' (जेएएसी) ने इन चुनावों का बहिष्कार किया था, क्योंकि यह कमेटी स्वायत्तता की मांग को लेकर महीनों से प्रदर्शन कर रही है।

चुनाव बहिष्कार के बावजूद मुजफ्फराबाद समेत कई इलाकों में 50 प्रतिशत से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। वहीं, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने पीएमएल-एन पर डरा-धमकाकर और बलपूर्वक चुनाव जीतने का आरोप लगाया है। भले ही पीपीपी केंद्र सरकार में शहबाज शरीफ की सहयोगी है, लेकिन श्री बिलावल ने पीओके में आक्रामक प्रचार करते हुए पीएमएल-एन पर 'कश्मीर-विरोधी' नीतियां अपनाने का आरोप लगाया।

सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के कारण यह चुनाव माहौल काफी गर्म रहा। जेएएसी का दावा है कि मतदान के शुरुआती दो दिनों में ही 30 लोग मारे गए थे। वहीं, भारत के विदेश मंत्रालय का कहना है कि जून के बाद से कम से कम 90 लोगों की जान जा चुकी है, हालांकि इंटरनेट बंद होने के कारण सही आंकड़े सामने नहीं आ पा रहे हैं।

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