पटियाला , मई 15 -- पावर सेक्टर ज्वाइंट एक्शन कमेटी ( पीएसजेएसी ) ने पंजाब के नए बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद से राज्य बिजली कंपनियों पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड की जमीन बेचने के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की है।

पीएसजेएसी के सचिव अजयपाल सिंह अटवाल ने शुक्रवार को बिजली मंत्री को लिखे पत्र में कहा कि ओयूवीजीएल योजना के नाम पर पावरकॉम की जमीन बेचने के प्रस्ताव से कर्मचारियों, इंजीनियरों, पेंशनरों और अन्य हितधारकों में भारी रोष है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों की बिक्री अल्पकालिक सोच का परिचायक है, जिससे बिजली क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि इन जमीनों का उपयोग नए सब-स्टेशन, आधुनिक कार्यालय, स्टोर आउटलेट, ट्रांसफॉर्मर रिसीविंग यार्ड और मीटरिंग लैब स्थापित करने के लिए किया जा सकता है। इससे बिजली ढांचे को मजबूत करने और भीड़भाड़ की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी।

श्री अटवाल ने कहा कि इन जमीनों पर ग्राउंड माउंटेड सोलर पावर प्लांट और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी स्थापित किए जा सकते हैं, जो राष्ट्रीय हरित ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप होगा। उन्होंने कहा कि इन संपत्तियों को सीधे बेचने के बजाय "लैंड बैंक" के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे ये संपत्तियां वित्तीय स्थिरता के लिए मजबूत आधार बनेंगी और बैंक ऋण हासिल करने के लिए गिरवी संपत्ति के तौर पर उपयोग की जा सकेंगी।

जेएसी ने चेतावनी दी कि सार्वजनिक संपत्तियों की बिक्री से भविष्य में बुनियादी ढांचे पर नियंत्रण कमजोर पड़ सकता है और कानूनी विवाद भी पैदा हो सकते हैं। इसके विपरीत, इन्हें अपने पास रखकर रणनीतिक विकास किया जा सकता है। कमेटी ने सुझाव दिया कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में तकनीकी और वित्तीय विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाए, जो तय समय सीमा में इन संपत्तियों के पुनरुद्धार और उपयोग को लेकर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित