बाड़ी , जून 20 -- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने याद दिलाया कि केंद्र से मिलने वाले 6000 रु. के साथ मध्य प्रदेश सरकार भी उतनी ही राशि जोड़कर राज्य के किसानों को हर साल 12,000 रु. की सीधी सहायता दे रही है, ताकि खेती के जोखिम कम हों और परिवार को नियमित सहारा मिल सके।
वह प्रधानमंत्री सम्मान निधि की किश्त किसानों के खातों में भेजे जाने के अवसर पर मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के बाड़ी इलाके में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे।
श्री चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं चाहे वह किसान क्रेडिट कार्ड हो, फसल बीमा योजना हो या विभिन्न पेंशन और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा और कोई भी योग्य हितग्राही वंचित नहीं रहेगा।
श्री चौहान ने भोजपुर क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 31 नई सड़कों की स्वीकृति की घोषणा की और कहा कि इनके निर्माण से छोटे-छोटे गाँव, टोले और बस्तियाँ मुख्य सड़कों से जुड़ेंगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच आसान होगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रायसेन जिले में अब तक स्वीकृत 1.36 लाख से अधिक मकानों में से 1.08 लाख से ज्यादा मकान पूरे हो जाने की जानकारी देते हुए बताया कि हाल के सर्वे में चिन्हित 1.37 लाख कच्चे मकानों का भौतिक सत्यापन कर हर पात्र परिवार को पक्का मकान देने का अभियान तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम में मौजूद सरपंचों और जनप्रतिनिधियों से उन्होंने अपील की कि वे गांव-गांव में बैठकों के माध्यम से नई 'विकसित भारत जी-राम जी योजना' के तहत मिलने वाले 7500 करोड़ रु. (9 माह के लिए, मध्य प्रदेश हिस्से) का उपयोग स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तय करें, ताकि सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं गांव की प्राथमिकता के अनुसार विकसित हो सकें।
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि 'विकसित भारत जी-राम जी योजना' के तहत अगले पांच वर्षों में देशभर में 75 लाख करोड़ रु. से अधिक के निवेश का लक्ष्य है, जिससे ग्राम स्तर पर विकास के लगभग सभी लंबित कार्य पूरे करने का रोडमैप तैयार हो चुका है। उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि सरपंचों की विस्तृत कार्यशाला आयोजित कर उन्हें उन कार्यों की पूरी सूची और प्रक्रियाएं समझाई जाएं, जिन्हें ग्राम सभा स्वयं तय कर सकती है, ताकि योजना की शुरुआत के पहले दिन से ही गांवों में काम तेज गति से शुरू हो सके।
श्री चौहान ने मंच से घोषणा की कि राज्य सरकार ने केंद्र से मूंग खरीदी की अनुमति मांगी थी और उन्हें प्रसन्नता है कि इस धरती से ही मूंग खरीदी की औपचारिक स्वीकृति दी जा रही है। उन्होंने मूंग को प्रदेश की तीसरी फसल बताते हुए कहा कि इसी ने कई किसानों की आर्थिक स्थिति बदली है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने किसान क्रेडिट कार्ड अभियान को तेज करने और फसल बीमा योजना में अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने की अपील की, ताकि प्राकृतिक आपदाओं और बाजार के उतार-चढ़ाव से होने वाले नुकसान से किसानों की आय सुरक्षित रह सके।
उन्होंने मौसम वैज्ञानिकों के अनुमानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बार अलनीनो प्रभाव के कारण कुछ जिलों में सामान्य से कम बारिश की आशंका है, इसलिए राज्यवार आपातकालीन योजना तैयार कर किसानों को फसल चयन, बीज, नमी संरक्षण और जल प्रबंधन की वैज्ञानिक सलाह दी जाएगी, ताकि कम वर्षा की स्थिति में भी उत्पादन और आय पर न्यूनतम असर पड़े।
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए श्री चौहान ने 'लाडली बहना' योजना को पूरे देश के लिए आदर्श बताते हुए कहा कि म.प्र. में बहनों को हर महीने 1500 रु. की सहायता दी जा रही है, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रु. तक ले जाने का लक्ष्य है, ताकि बहनों को सम्मानपूर्वक आर्थिक स्वावलंबन मिल सके। उन्होंने आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हर बहन को 'लखपति दीदी' बनाने का संकल्प दोहराया।
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