चंडीगढ़ , जून 20 -- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी होने के उपलक्ष्य में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), शिकोहपुर और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, गुरुग्राम द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पल गुर्जर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया।
श्री गुर्जर ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के कल्याण, कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में किसानों के हित में अनेक योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका लाभ सीधे किसानों तक पहुंच रहा है। सरकार का लक्ष्य खेती को अधिक लाभकारी बनाना और किसानों की आय बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, मृदा परीक्षण, फसल बीमा और कृषि उपकरणों को बढ़ावा देकर किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि क्षेत्र में नवाचार और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में किसान गोष्ठी का आयोजन कर किसानों को बीज एवं मृदा उपचार, रोग एवं कीट प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, ड्रोन तकनीक, किसान उत्पादक संगठनों के लाभ तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कंपोस्ट निर्माण और संतुलित उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।
इस अवसर पर बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के तरकेश्वर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी की। इसके तहत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से नौ करोड़ 44 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित