रायपुर , अक्टूबर 30 -- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के तहत छत्तीसगढ़ के 24 लाख 59 हजार 707 किसानों के बैंक खातों में 498 करोड़ 48 लाख रुपये की राशि अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को कहा कि किसानों की आर्थिक समृद्धि विकसित भारत की मजबूत आधारशिला है और राज्य सरकार खेती को लाभकारी बनाने तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में आयोजित कार्यक्रम से देश के 9 करोड़ 34 लाख से अधिक किसानों के खातों में योजना की 24वीं किस्त के रूप में 18 हजार 690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से जारी की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के किसानों को अब तक 24 किस्तों में 11 हजार 776 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि योजना से विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को बीज, खाद, उर्वरक तथा अन्य कृषि आवश्यकताओं की पूर्ति में मदद मिल रही है।

साय ने प्रदेश में आगामी 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने की जानकारी देते हुए कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। किसानों की सुविधा के लिए राज्य में 360 नए धान उपार्जन केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने चक्रवात 'अर्नब' के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में फसलों को हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सभी जिला कलेक्टरों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों और निर्धारित मानदंडों के अनुरूप सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके साथ ही उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्यपालन जैसी गतिविधियों के माध्यम से किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता के बिना विकसित भारत का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। केंद्र सरकार कृषि उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में देश का कृषि बजट पांच गुना बढ़ चुका है।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ भूमिहीन कृषि मजदूरों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए भी योजनाएं संचालित कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहब ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की सहायता सीधे बैंक खातों में उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में फसल विविधीकरण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग को किसानों की आय बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया।

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