नयी दिल्ली , अप्रैल 09 -- दिल्ली कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने पीएम उदय योजना को लेकर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा प्रहार किया है और कहा कि यह योजना पूरी तरह से विफल योजना है और इसे जिसे दोबारा पेश कर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
डॉ. नरेश ने गुरुवार को इस योजना को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को भी भेजी गयी है। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि यह योजना लगभग सात साल पहले शुरू की गई थी, लेकिन अब तक इससे केवल करीब चालीस हजार लोग ही जुड़ पाए हैं, जो इसकी पूरी तरह विफलता को दर्शाता है। उनके अनुसार सरकार कॉलोनियों को "जैसे हैं वैसे" के आधार पर नियमित करने के बजाय अब केवल प्लॉट को नियमित करने की बात कर रही है, वह भी कई कड़े नियमों और भारी शुल्क के साथ।
उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार ( आरटीआई) के तहत दाखिल एक आवेदन के जवाब में यह भी सामने आया है कि जिन 1511 कॉलोनियों को इस योजना में शामिल किया गया है, उनमें से 567 कॉलोनियां पहले ही 16 फरवरी 1977 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की सरकार द्वारा नियमित की जा चुकी हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि पहले से नियमित कॉलोनियों को दोबारा इस योजना में शामिल करने का उद्देश्य क्या है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर वास्तव में सरकार जनता को राहत देना चाहती, तो वह कांग्रेस पार्टी की तरह एक ही फैसले में कॉलोनियों को बिना शर्त और मुफ्त में नियमित करती, जैसा कि पहले किया गया था। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 1993 तक कुल 567 कॉलोनियां इसी नीति के तहत नियमित की गई थीं, जिन पर न कोई शुल्क था और न ही जटिल शर्तें।
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