बैतूल , जून 22 -- मध्य प्रदेश के बैतूल कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने भैंसदेही और प्रभातपट्टन के पीएम आवास ब्लॉक समन्वयकों की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए।

बैठक में जनकल्याण शिविरों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के सभी अनुविभागों में कुल एक लाख 14 हजार 481 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अधिकांश का निराकरण किया जा चुका है। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि आवेदनों का केवल संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने अविवादित नामांतरण, आंगनवाड़ी केंद्रों में विद्युत कनेक्शन, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, भवन अनुज्ञा प्रमाण-पत्र, समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, आयुष्मान भारत योजना और किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही रास्ता विवाद, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और पेंशन संबंधी लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि वनाधिकार प्राप्त हितग्राहियों को पात्रता पर्ची, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित सभी पात्र योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत उपलब्ध कराया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान 50 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की जाएगी।

जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा में विकासखंड भीमपुर में कार्यों की धीमी प्रगति पर सहायक यंत्री को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं स्पर्श पोर्टल के तहत लंबित भुगतान शीघ्र करने और अनावश्यक रूप से बिल लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान वाणिज्यकर, शिक्षा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, परिवहन, जल संसाधन और श्रम विभाग की शिकायत निवारण प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित विभागों से स्पष्टीकरण मांगा गया। बैठक में अनुपस्थित रहने पर भैंसदेही नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी का एक दिन का वेतन काटने और वेतन वृद्धि रोकने का प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने 50 दिनों से अधिक लंबित शिकायतों के शीघ्र निराकरण पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि नॉन-अटेंडेड शिकायतों पर संबंधित अधिकारी से प्रति शिकायत 500 रुपये रेडक्रॉस मद में जमा कराए जाएं। शिकायतों की पुनरावृत्ति होने पर यह राशि बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति शिकायत वसूली जाएगी। उन्होंने लोक सेवा गारंटी अधिनियम, जनसुनवाई और समय-सीमा के लंबित प्रकरणों का गंभीरतापूर्वक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

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