भोपाल , जनवरी 14 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा केन्द्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय से देश और मध्यप्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिली है। प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन (प्रगति) प्लेटफार्म के माध्यम से वर्षों से अटकी निवेश परियोजनाओं को पुनः सक्रिय किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि पीएमजी और प्रगति प्लेटफार्म ने केन्द्र और राज्य के सभी संबंधित विभागों को एक मंच पर लाकर निर्णय प्रक्रिया को तेज किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्पष्ट नीति-निर्देश और प्रो-एक्टिव गवर्नेंस के कारण दशकों से लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करना संभव हो पाया है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने इस अवसर पर "प्रगति" प्लेटफार्म पर प्रेजेंटेशन दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों के माध्यम से कुल 209 बड़ी परियोजनाएं मिली हैं। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ रुपये के निवेश वाली 108 केंद्रीय परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 परियोजनाएं वर्तमान में क्रियान्वयन के अधीन हैं। केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश ने 97 प्रतिशत सफलता हासिल की है। इन परियोजनाओं में रेल, सड़क परिवहन, विद्युत और नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर वन्यजीव पर्यटन योजनाओं को आगे बढ़ा रही हैं। कूनो नेशनल पार्क में चीते बस चुके हैं और धार के पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्यों के बीच परस्पर समन्वय ही सबसे बड़ी ताकत है, जिससे विकास की रफ्तार दोगुनी होती है।
डॉ. यादव ने कहा कि पहले बड़ी योजनाएं कागजों पर ही सीमित रह जाती थीं, लेकिन अब पीएमजी और प्रगति पोर्टल के माध्यम से परियोजनाओं की प्रगति, बाधाओं और समाधान की सीधी निगरानी हो रही है। इससे असंभव दिखने वाली परियोजनाएं भी धरातल पर साकार हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रेलवे की 285 किलोमीटर लंबी जबलपुर-गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा और अधिक क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हुआ है। इससे जबलपुर, बालाघाट, मंडला और सिवनी जिलों की कनेक्टिविटी नागपुर, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों से बढ़ी है। इसके अलावा 18.5 हजार करोड़ रुपये लागत की इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन की सौगात भी प्रदेश को मिली है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बताया कि "प्रगति" प्लेटफार्म की शुरुआत 25 मार्च 2015 को हुई थी और इसकी 50वीं बैठक 31 दिसंबर 2025 को सम्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि पीएमजी और प्रगति पोर्टल की अभिनव पहल से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और नागरिक शिकायतों का तेजी से समाधान हुआ है। प्रदेश में पीएमजी पोर्टल पर 209 परियोजनाएं निगरानी में हैं, जिनसे जुड़े 322 मुद्दों में से 312 का समाधान किया जा चुका है। इसी तरह प्रगति पोर्टल पर 39 परियोजनाओं से जुड़े 124 मुद्दों में से 120 का समाधान किया गया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के मामलों में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर दक्षता और गति के नए मानक स्थापित किए हैं। सड़क, रेलवे और विद्युत परियोजनाओं के चलते प्रदेश ऊर्जा और परिवहन केंद्र के रूप में उभर रहा है।
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