चेन्नई , अप्रैल 13 -- पीएमके के संस्थापक डॉ. एस. रामदास रविवार शाम तमिलनाडु के सलेम जिले में चुनाव प्रचार के दौरान बेहोश हो गए जिसके बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया और बाद में चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अपने बेटे और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. अंबुमणि के साथ नेतृत्व विवाद के बाद पार्टी में हुए विभाजन के बाद पीएमके के गुटों में से एक का नेतृत्व कर रहे 86 वर्षीय रामदास, सलेम पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र के पल्लापत्ती गांव में मौजूदा पार्टी विधायक के लिए प्रचार कर रहे थे, जहां से वह फिर से चुनाव लड़ रहे हैं।
संक्षिप्त भाषण के बाद, जब वह अपनी वैन की ओर लौट रहे थे तभी अचानक बेहोश हो गए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में भेज दिया गया।सोमवार सुबह उन्हें बेहतर इलाज के लिए अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने उनसे फोन पर बात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। डॉ. रामदास ने स्टालिन को इसके लिए धन्यवाद दिया।
पीएमके में चल रही राजनीतिक दरार जब सुलह के कोई संकेत न दिखते हुए गतिरोध पर पहुंच गई, तो उसके अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद अंबुमणि रामदास के नेतृत्व वाले गुट ने 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले राजग के साथ गठबंधन कर लिया और पार्टी का झंडा और 'आम' चिन्ह हासिल कर लिया क्योंकि उनके पिता रामदास द्वारा अदालतों के माध्यम से उन्हें रोकने और इन्हें वापस लेने के कानूनी प्रयास विफल रहा।
सीट बंटवारे के समझौते के अनुसार, अंबुमणि गुट को राज्यसभा की एक सीट के अलावा 18 सीटें आवंटित की गई। इसके बाद, डॉ. अंबुमणि पिछले महीने हुए द्विवार्षिक चुनावों में राज्य सभा सदस्य चुने गए और कुछ दिन पहले उन्होंने सांसद के रूप में शपथ ग्रहण की।
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