एमसीबी, मार्च 16 -- छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ विकासखंड में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ के अमृत सदन सभाकक्ष में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र मनेंद्रगढ़-चिरमिर-भरतपुर द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, एफपीओ से जुड़े सदस्य, स्थानीय उद्यमी तथा युवा शामिल हुए।

जिला पीआरओ से आज मिली जानकारी के अनुसार,शिविर का उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं, महिलाओं और छोटे उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उपलब्ध स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी देना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को योजना के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाओं और लाभों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को कुल परियोजना लागत का 35 प्रतिशत तक अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही हितग्राहियों को तकनीकी प्रशिक्षण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन (मार्केटिंग) से संबंधित सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वे अपने उत्पादों को बाजार में बेहतर ढंग से स्थापित कर सकें।

शिविर में यह भी बताया गया कि योजना के माध्यम से छोटे उद्यमी मसाला निर्माण, अचार, पापड़, जूस, मिलेट आधारित उत्पाद सहित विभिन्न खाद्य उत्पादों का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की संभावनाओं, बाजार की मांग तथा व्यवसाय को सफलतापूर्वक संचालित करने के तरीकों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई।

इस अवसर पर जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ की मुख्य कार्यपालन अधिकारी वैशाली सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी सिमेंद्र सिंह तथा जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र के सहायक प्रबंधक संजय लकड़ा उपस्थित रहे। अधिकारियों के साथ-साथ डीआरपी साबिर खान और प्रदीप सूर्या ने भी प्रतिभागियों को योजना के बारे में विस्तार से मार्गदर्शन दिया।

उन्होंने आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, परियोजना तैयार करने की विधि तथा बैंक के माध्यम से ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।

कार्यक्रम में उपस्थित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और युवाओं ने योजना के प्रति उत्साह व्यक्त किया और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े स्वरोजगार शुरू करने में रुचि दिखाई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इच्छुक हितग्राहियों को योजना से जोड़ने और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए विभाग द्वारा हर संभव सहयोग किया जाएगा।

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