नयी दिल्ली , अप्रैल 30 -- पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर पाइप्ड नेचुरल गैस, पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने में जुटी सरकार अब उन पी एन जी उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की योजना बना रही है जिन्होंने अपने एलपीजी कनेक्शन वापस नहीं किए हैं।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में गुरुवार को कहा कि इसका उद्देश्य एलपीजी सिलेंडर का दुरुपयोग रोकना है।

उन्होंने कहा कि सरकार देश में पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए अनेक कदम उठा रही है और मार्च से अब तक लगभग 5.78 लाख पीएनजी कनेक्शनों का गैसीकरण किया जा चुका है तथा अतिरिक्त 2.66 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है, जिससे कुल कनेक्शनों की संख्या 8.44 लाख हो गई है। इसके अलावा, लगभग 6.47 लाख ग्राहकों ने नए कनेक्शनों के लिए पंजीकरण कराया है।अब तक 43,050 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन वापस किए हैं लेकिन यह संख्या काफी कम है।

संयुक्त सचिव ने कहा कि अभी देशभर में उन घरों का आकलन किया जा रहा है जिनमें पीएनजी के साथ-साथ एलपीजी कनेक्शन भी है। यह आकलन होने के बाद इस तरह के उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के बारे में निर्णय लिया जाएगा। सरकार पहले भी लोगों से अपील कर चुकी है की पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ता अपने एलपीजी कनेक्शन लौटा दें।

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण बनी भू राजनीतिक स्थिति के चलते देश में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है लेकिन घरेलू मांग को पूरा करने के लिए देश में एलपी जी का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने हालांकि कहा कि स्थिति अभी ऐसी नहीं है कि शहरों और ग्रामीण क्षेत्र के लिए एलपीजी बुकिंग की निर्धारित अवधि जो क्रमशः 25 और 45 दिन है उसमें किसी तरह की कमी की जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह का निर्णय एलपी जी की आपूर्ति की स्थिति के आधार पर लिया जाएगा।

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