नयी दिल्ली , मार्च 17 -- पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर सरकार ने पाइप के माध्यम से रसोई गैस का पीएनजी कनेक्शन लेने वालों के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू करने के साथ- साथ नये आवेदनों को 24 घंटे में मंजूरी देने का निर्णय लिया है। उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलेंडर आसानी से उपलब्ध कराने के लिए सरकार जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही है । इसके तहत पिछले कुछ दिनों में देश भर में लगभग 12,000 छापे मारे गए हैं और लगभग 15,000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। उत्तर प्रदेश में दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा घरेलू एलपीजी का उत्पादन भी 38 प्रतिशत बढ गया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पश्चिम एशिया के संकट से उत्पन्न स्थिति की जानकारी देने के लिए बुलाये गये संवाददाता सम्मेलन में मंगलवार को बताया कि केन्द्र सरकार वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी में स्थानांतरित करने की कोशिश कर रही है। केन्द्र ने राज्य सरकारों को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया है कि पीएनजी की नयी पाइपलाइन बिछाने के लिए सभी अनुमतियां स्वीकृति मानी जाएं और स्थानीय प्राधिकरण द्वारा लगाए जाने वाले सड़क पुनर्स्थापन और अनुमति शुल्क को माफ किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में जीएएल अथॉरिटी ऑफ इंडिया पहले ही सभी सीजीडी कंपनियों के साथ बैठक कर चुकी है। इसके अलावा, पीएनजी आरबीआई ने भी एक परामर्श जारी किया है।
श्रीमती शर्मा ने कहा ," हमारी सीजीडी कंपनियां जैसे आईजीएल, एमजीएल, जीएएल इंडिया और बीपीसीएल ने उन कंपनियों के लिए विभिन्न प्रोत्साहन घोषित किए हैं जो पीएनजी कनेक्शन लेना चाहती हैं। इसी प्रकार, भारत सरकार ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखा है। उनसे अनुरोध किया गया है कि पाइपलाइन बिछाने की सभी अनुमतियों को स्वीकृत माना जाए।"उन्होंने कहा कि नए आवेदनों को 24 घंटे के भीतर मंजूरी दी जानी चाहिए। राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा लगाए जाने वाले सड़क पुनर्स्थापन और अनुमति शुल्क को माफ किया जाना चाहिए साथ ही कार्य समय और कार्य अवधि में भी छूट दी जानी चाहिए।
संयुक्त सचिव ने कहा कि एक नोडल प्राधिकरण भी नियुक्त किया जाना चाहिए ताकि समन्वय बना रहे और कार्य तेजी से किए जा सकें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एलपीजी के मामले में, " मैं कहना चाहूंगी कि स्थिति अभी भी चिंताजनक है। हालांकि, किसी भी एलपीजी वितरक पर कोई कमी नहीं है। रिटेल आउटलेट्स पर किसी प्रकार की कमी नहीं है। पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।"श्रीमती शर्मा ने कहा कि एलपीजी प्रमाणीकरण कोड की डिलीवरी में भी 76 प्रतिशत सुधार हुआ है। वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति जो शुरुआत में बंद थी, बाद में आंशिक रूप से बहाल कर दी गई। इसके अलावा राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास रखे गए सिलेंडर भी वितरित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मणिपुर, राजस्थान, उत्तराखंड आदि कई राज्यों ने पहले ही गैर-घरेलू एलपीजी आवंटन आदेश जारी कर दिए हैं। मणिपुर, केरल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक ने भी एसकेओ आवंटन आदेश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम और एलपीजी नियंत्रण आदेश के तहत, जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने कई राज्य सरकारों ने कंट्रोल रूम स्थापित कर लिए हैं। कई राज्यों ने जिला स्तर पर निगरानी समितियां भी बना दी हैं। पिछले कुछ दिनों में लगभग 12,000 छापे मारे गए हैं और लगभग 15,000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा ," दिल्ली में लगभग 600 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसी तरह, उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में लगभग 450 निरीक्षण और छापे मारे गए हैं। 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जम्मू और कश्मीर में 564 छापे, एफआईआर और गिरफ्तारियां हुई हैं। केरल में लगभग 1,000 छापे और निरीक्षण किए गए हैं। घरेलू और वाणिज्यिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं। मध्य प्रदेश में लगभग 1,200 छापे मारे गए हैं और लगभग 1,800 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, हमारी तेल विपणन कंपनियों की निरीक्षण टीमों को भी सक्रिय किया गया है और लगभग 2,500 रिटेल आउटलेट्स और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप का आकस्मिक निरीक्षण किया गया है। "उन्होंने लोगों से अपील की, " वे अफवाहों से दूर रहें, घबराएं नहीं, ऑनलाइन बुकिंग करें और एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी उनके घर पर की जाएगी।
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