भदोही , अक्टूबर 21 -- उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी), लखनऊ की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए संत रविदास नगर (भदोही) जिले में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की उपस्थिति में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की गई।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिले में परीक्षा के लिए 13 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इन केंद्रों पर छह पालियों में कुल 33,984 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। प्रत्येक पाली में 5,664 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। परीक्षा 25 और 30 अक्टूबर तथा एक नवंबर, 2026 को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली अपराह्न तीन बजे से शाम पांच बजे तक चलेगी।

निर्धारित परीक्षा केंद्रों में बूनमैक्स कॉन्वेंट स्कूल, गोधना-जंगीगंज, गुलाबधर मिश्र इंटर कॉलेज गोपीगंज, काशीराम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्ञानपुर के ब्लॉक-ए और ब्लॉक-बी, मदर हलीमा पब्लिक स्कूल मर्यादपट्टी, पीएम श्री विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज ज्ञानपुर, श्री इंद्रबहादुर सिंह नेशनल इंटर कॉलेज भदोही, सेंट थॉमस स्कूल गोपीगंज, सेंट थॉमस स्कूल बेदपुर ज्ञानपुर, जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज गोपीगंज, जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज ज्ञानपुर, श्री काशीराज महाविद्यालय इंटर कॉलेज तथा टेंडर हार्ट पब्लिक स्कूल घोसिया-औराई शामिल हैं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, बिजली, जनरेटर और भवन संबंधी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों और सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ पर्याप्त सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती के लिए पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए गए हैं।

अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए रेलवे स्टेशन, रोडवेज और प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था के लिए पर्याप्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। गोपनीय परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के लिए कोषागार के डबल लॉक में सुरक्षित स्थान की व्यवस्था की गई है।

एक नवंबर को परीक्षा समाप्त होने के बाद गोपनीय परीक्षा सामग्री को आयोग मुख्यालय तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से सभी केंद्रों पर 50 प्रतिशत बाह्य कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई है।

जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, कक्ष निरीक्षकों और अन्य संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय के अनुसार अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और शुचिता के साथ संपन्न कराने पर जोर दिया।

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