पिथौरागढ़ , जुलाई 10 -- उत्तराखंड के सीमांत पिथौरागढ़ जिले में मानसून का व्यापक असर दिखाई दे रहा है। तेज बारिश के कारण जहां बॉर्डर रोड सहित 12 सड़कें बंद हो गई हैं, वहीं काली और गोरी नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है, जिससे जिला प्रशासन और संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर हैं।
जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार बंद सड़कों में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) का तवाघाट-गूंजी मोटर मार्ग भी शामिल है, जो नजंग के पास मलबा आने से बंद हो गया है। इसके अलावा पीएमजीएसवाई और लोक निर्माण विभाग के अधीन 11 ग्रामीण मोटर मार्ग भी अवरुद्ध हैं।
इनमें बेचिवाना-खेतालकन्यारा, डीडीहाट-आदिचौरा-खूना, तवाघाट-थानीधार, उद्योग-बांस, एलागाड़-जुम्मा, घट्टाबगड़-तालुकड़ा, सोवला-उमचिया, कालिका-खुमती, तपोवन-गूंजी, बौंसबगड़-कांडा-पनरधापाला तथा होकरा-नामिक मोटर मार्ग शामिल हैं। संबंधित विभागों द्वारा जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
प्रशासन सड़कों को खोलने के लिए युद्धस्तर पर जुटा हुआ है। भारी बारिश के कारण काली और गोरी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। सिंचाई विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, धारचूला में काली नदी का जलस्तर 888.50 मीटर दर्ज किया गया है, जो 889.00 मीटर के चेतावनी स्तर से मात्र 0.50 मीटर नीचे है। जौलजीबी में गोरी नदी का जलस्तर 604.15 मीटर तथा मदकोट में 1211.40 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। दोनों स्थानों पर जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, हालांकि अभी यह चेतावनी स्तर से नीचे है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित