पिथौरागढ़ , मई 07 -- उत्तराखंड के सीमांत पिथौरागढ़ जिले में ट्रैकिंग और पर्वतारोहण गतिविधियों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन ने बिना पंजीकरण ट्रेकिंग अथवा पर्वतारोहण पर रोक लगा दी है।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी द्वारा गुरुवार को जारी निर्देशों के अनुसार ट्रैकिंग सीजन के दौरान जिले के सभी प्रमुख ट्रैकिंग मार्गों और पर्वतारोहण स्थलों पर जाने वाले ट्रेकर्स एवं दलों का पूर्व पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके तहत दल के प्रत्येक सदस्य की पूरी जानकारी प्रशासन को पहले से उपलब्ध करानी होगी।

प्रशासन ने मिलम, रालम, सुंदरढूंगा, नामिक, दारमा वैली, पंचाचूली बेस कैंप, नंदा देवी ईस्ट बेस कैंप, नाभीढांग और लिपुलेख पास समेत अन्य ट्रैकिंग मार्गों के लिए यह व्यवस्था लागू की है।

निर्देशों में साफ कहा गया है कि ट्रेकिंग या पर्वतारोहण पर जाने वाले दलों के सदस्यों के नाम, पते, मोबाइल नंबर, आयु और आधार संख्या संबंधित उपजिलाधिकारी, वन विभाग और पर्यटन विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

प्रशासन ने टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंसियों को हिदायत दी है कि बिना सूचना ट्रैकिंग कराने या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी मौसम संबंधी अलर्ट का पालन करने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि यह कदम ट्रेकर्स की सुरक्षा और आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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