नैनीताल , जुलाई 20 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पिथौरागढ़ में सरकारी अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट के नियम विरुद्ध निस्तारण को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) और राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

पिथौरागढ़ निवासी राजेश पाण्डेय की ओर से दायर जनहित याचिका पर आज मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में सुनवाई हुई।याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि जिला मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला अस्पताल और हर गोविंद महिला अस्पताल में बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। इससे प्रदूषण बढ़ रहा है।

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद कुछ समय तक बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण ठीक से किया गया लेकिन फिर लापरवाही बरती जा रही है।

पीसीबी की ओर से कहा गया कि जांच पूरी कर ली गई है और कुछ समय में रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी। सरकार की ओर से भी याचिकाकर्ता की ओर से पेश शपथपत्र पर जवाबी हलफनामा पेश करने के लिए समय मांगा गया।

अंत में अदालत ने दोनों पक्षकारों को दो सप्ताह में जवाबी हलफनामा दायर करने के निर्देश दिए हैं। पीसीबी जवाबी हलफनामा के साथ निरीक्षण रिपोर्ट भी पेश करेगी।

दायर याचिका में कहा गया है कि सरकारी अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ रहा है। बरसाती सीजन होने के चलते बीमारियां फैलने का खतरा है।

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