बिलासपुर , अप्रैल 20 -- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के चर्चित पिता की हत्या मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी बेटे महात्मा यादव की सजा में राहत देते हुए उम्रकैद को घटाकर 10 साल के कठोर कारावास में बदल दिया है।
दरअसल,पूरा मामला साल 2020 का है। रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र के हरिहरपुर गांव में लकड़ी रखने को लेकर पिता जंगली यादव और उनके बेटे महात्मा यादव के बीच विवाद हो गया था। विवाद के दौरान गुस्से में आकर बेटे ने पिकअप वाहन से अपने ही पिता को कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल जंगली यादव की इलाज के दौरान करीब 9 दिन बाद मौत हो गई थी।
इस मामले में निचली अदालत ने इसे हत्या मानते हुए आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया था और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की दोबारा सुनवाई करते हुए साक्ष्यों और परिस्थितियों का बारीकी से परीक्षण किया। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की पीठ ने पाया कि घटना पहले से सोची-समझी नहीं थी, बल्कि अचानक हुए झगड़े और गुस्से में हुई थी।
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