जयपुर , अगस्त 23 -- भारतीय पर्यटकों का दक्षिण अफ्रीका के प्रति रुझान बढता जा रहा हैं और गत वर्ष करीब 70 हजार भारतीय पर्यटकों ने दक्षिण अफ्रीका का भ्रमण किया।

दक्षिण अफ्रीका पर्यटन के मुख्य परिचालन अधिकारी इस्माइल डोकराट ने जयपुर में बताया कि दक्षिण अफ्रीका आने वाले अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों में शीर्ष दस देशों में भारत पांचवें स्थान पर हैं जबकि ब्रिटेन, अमरीका, जर्मनी और नीदरलैंड पहले से चौथे स्थान पर हैं। उन्होंने बताया कि दक्षिण अफ्रीका भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जयपुर सहित टियर टू शहरों में अपने प्रचार अभियान को बढ़ा रहा है।

श्री डोकराट ने बताया कि शुक्रवार को जयपुर में भारत की अध्यक्षता में सम्पन्न ब्रिक्स समिट में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) में हस्ताक्षर किये गये हैं और भारत के पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के साथ दक्षिण अफ्रीका की पर्यटन मंत्री पेट्रिशिया डी लिले ने पर्यटन को लेकर विचार विमर्श हुआ हैं।

उन्होंने बताया कि पर्यटकों को बढ़ावा देने एवं दक्षिण अफ्रीका की यात्रा को आसान बनाने के लिए भारत और दक्षिण अफीका के बीच सीधी उड़ान शुरु करने को लेकर भी ब्रिक्स समिट के दौरान भारत से बातचीत हुई हैं। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष सितंबर में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व क्रिकेट कप के मद्देनजर पर्यटकों के और बढ़ने की संभावना हैं और उम्मीद हैं कि जल्द ही भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सीधी हवाई सुविधा शुरु होगी।

उन्होंने बताया कि दक्षिण अफ्रीका ने पर्यटकों को कम समय में अपना यात्रा प्लान बनाने के लिए डिजिटल वीजा की सुविधा प्रदान की हैं जिससे पर्यटक अपने फोन पर ही डिजिटल वीजा आवेदन कर 24 घंटे में यह वीजा बनवाकर यात्रा कर सकता हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए पर्यटक को अपनी यात्रा टिकट, पासपोर्ट एवं पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होती है।

श्री डोकराट ने बताया कि पर्यटन देश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण हैं और इससे दक्षिण अफ्रीका में करीब दस लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है।

उन्होंने बताया कि दक्षिण अफ्रीका के विश्व प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान एवं अभराण्य सहित अन्य कई पर्यटन स्थल भारतीय पर्यटकों सहित अन्य सभी पर्यटकों को सहज ही अपनी और खींच रहे हैं और डरबन तो भारतीय पर्यटकों पहली पसंद बनता जा रहा है जहां करीब 20 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं। इस कारण डरबन आने वाला भारतीय पर्यटन डरबन को अपने घर की तरह महसूस करता है।

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