पटना , अगस्त 22 -- िहार में ग्रामीण अंचलों के लोगों को छोटे-मोटे विवादों में कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने से काफी हद तक राहत मिली है। ई-ग्राम कचहरी व्यवस्था के लागू होने से इसमें बड़ा बदलाव आया है। अब लोग डिजिटल माध्यम से छोटे विवाद आराम से सुलझाए जा रहे है। ई-ग्राम कचहरी पोर्टल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के दीवानी और फौजदारी वादों का निपटारा अब पहले से कहीं अधिक तेज हो गया है।
पंचायती राज विभाग के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक ई-ग्राम कचहरी पोर्टल पर दर्ज मामलों में से 38 हजार से अधिक वादों का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है। इनमें जमीन-जायदाद से जुड़े दीवानी वादों की संख्या करीब 37 हजार रही। इन दीवानी वादों में से 53 प्रतिशत का निष्पादन किया जा चुका है। वहीं, लड़ाई-झगड़े और छोटे अपराधों से जुड़े फौजदारी मामलों की संख्या 31,274 रही। इस सुविधा से लोगों के समय, पैसे और मेहनत तीनों की बचत हो रही है, साथ ही ग्रामीण न्याय व्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
जिलों के स्तर पर पश्चिम चंपारण सबसे आगे रहा है। यहां कुल वादों में से 86 प्रतिशत का सफलतापूर्वक निपटारा हुआ है। दीवानी वादों में 85 प्रतिशत और फौजदारी वादों में 88 प्रतिशत सफलता मिली है। इसके बाद लखीसराय जिले में 77 प्रतिशत वादों का समाधान हुआ है, जहां 76 प्रतिशत दीवानी और 78 प्रतिशत फौजदारी वादों को निपटाया गया है। मधेपुरा जिले में भी अच्छी प्रगति देखने को मिली। यहां कुल 76 प्रतिशत वादों का निपटारा हुआ, जिनमें दीवानी वादों में 75 प्रतिशत और फौजदारी वादों में 77 प्रतिशत सफलता दर्ज की गई है।
ग्राम स्तर पर ही कई मामलों का निपटारा होने से लोगों को न सिर्फ न्याय जल्दी मिल रहा है, बल्कि सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। इस डिजिटल माध्यम से मामलों की ट्रैकिंग और पारदर्शिता भी बढ़ी है। ग्रामीणों को अपने मामलों की स्थिति की जानकारी आसानी से मिल पा रही है।
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