नयी दिल्ली , अगस्त 14 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि पिछले एक दशक से कुछ अधिक समय में भारत ने तेज गति से समावेशी विकास किया है और विकास में बाधक दशकों पुराने अनेक अवरोधों को दूर किया है।
श्रीमती मुर्मु ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को राष्ट्र के नाम अपने संदेश में कहा कि पिछले एक दशक से कुछ अधिक समय में भारत ने तेज गति से समावेशी विकास किया है। देश ने विरासत और विकास के समन्वय को प्राथमिकता देने के साथ विकास में बाधक दशकों पुराने अनेक अवरोधों को दूर किया है।
उन्होंने कहा कि देशवासी महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती मना रहे हैं। महात्मा फुले और क्रांति-ज्योति सावित्रीबाई फुले ने सामाजिक न्याय, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और समानता के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया। उनके आदर्शों के अनुरूप पिछले कुछ वर्षों में वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने के लक्ष्य को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में सफलता के नए प्रतिमान स्थापित हुए हैं। देश में 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है। विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन योजनाओं में शामिल प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत लगभग 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिला खाताधारक हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि करीब 80 करोड़ लोगों के लिए निशुल्क राशन की व्यवस्था के माध्यम से उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। वहीं, 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के तहत करीब 60 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं से खेती, डेयरी, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों से जुड़े किसान भाई-बहनों को संबल मिला है।
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