कोलकाता , जुलाई 26 -- पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर मौजूदा प्रशासन के लिए भारी वित्तीय बोझ छोड़ने का आरोप लगाया है।

श्री भट्टाचार्य ने रविवार को सोशल मीडिया पर दावा किया कि 2024-25 वित्तीय वर्ष की नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट राज्य की वित्तीय स्थिति की चिंताजनक तस्वीर पेश करती है, जिसमें बढ़ते कर्ज, बढ़ते घाटे और सार्वजनिक धन के अपर्याप्त इस्तेमाल को उजागर किया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने ऑडिट रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में 2024-25 के दौरान 39,727 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा और 64,488 करोड़ रुपये का राजकोषीय घाटा दर्ज किया गया।

उन्होंने दावा किया कि राज्य का बकाया कर्ज 7.35 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है, जबकि पूंजीगत व्यय में कमी आई है और ब्याज भुगतान का बोझ लगातार बढ़ रहा है। श्री भट्टाचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र प्रायोजित कई योजनाओं के तहत आवंटित धन का पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं किया गया, जो उनके अनुसार वित्तीय प्रबंधन में कमियों को दर्शाता है।

उन्होंने राज्य की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि कैग रिपोर्ट से पता चलता है कि पश्चिम बंगाल 2015-16 से 2024-25 तक लगातार दस वित्तीय वर्षों से राजस्व घाटे में रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की राजस्व प्राप्तियों का लगभग 52 प्रतिशत हिस्सा केंद्र से आया है।श्री भट्टाचार्य ने कहा, "रिपोर्ट साफ तौर पर दिखाती है कि हालांकि पिछली तृणमूल सरकार के कार्यकाल में कर्ज बढ़ा लेकिन उस धन को उत्पादक निवेश में ठीक से नहीं लगाया गया।"उन्होंने केवल कर्ज और खर्च बढ़ाकर टिकाऊ विकास हासिल नहीं करने का तर्क दिया बल्कि इसके लिए वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और सार्वजनिक संसाधनों के समझदारी भरे इस्तेमाल की जरूरत बताई। उन्होंने कहा, "लोग विकास के लिए टैक्स देते हैं, न कि फिजूलखर्ची या वित्तीय कुप्रबंधन के लिए।" उन्होंने कहा कि टैक्स देने वालों से वसूले गए हर रुपये को जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ खर्च किया जाना चाहिए।

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