भिवानी , अप्रैल 16 -- हरियाणा के भिवानी पिछड़ा वर्ग के अधिकारों को लेकर वरिष्ठ नागरिक जनकल्याण महासभा ने गुरुवार को उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम मांगपत्र सौंपा।

इससे पहले विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने शहर में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय तक मार्च किया और ओबीसी समुदाय के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। वरिष्ठ नेता गणेशीलाल वर्मा और पूर्व पार्षद बलवान सिंह घणघस ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं को मिलने वाले 33 प्रतिशत आरक्षण में पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत उप-आरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने आबादी के अनुपात में राजनीतिक और शैक्षिक भागीदारी देने तथा 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा को समाप्त करने की भी मांग उठाई।

नेताओं ने कहा कि वर्तमान में संसद में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं की भागीदारी बेहद कम है और बिना उप-आरक्षण के उन्हें वास्तविक प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाएगा। उनका तर्क है कि देश में ओबीसी आबादी अधिक होने के बावजूद उन्हें उनके अनुपात के अनुसार प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा।

उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत और स्थानीय निकायों में ओबीसी महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिल रहा है, लेकिन विधानसभा और लोकसभा में उन्हें इससे वंचित रखा गया है। नेताओं ने आगामी विशेष संसद सत्र में इस मुद्दे पर ठोस निर्णय लेने की मांग की।

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