पुणे , जुलाई 30 -- रैपिडो, ओला और उबर जैसे ऐप-आधारित कैब एग्रीगेटर्स के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए पिंपरी-चिंचवड़ में ऑटो रिक्शा चालकों ने घोषणा की है कि वे 15 अगस्त से पूरे शहर के मेट्रो स्टेशनों पर अनिवार्य मीटर-आधारित सेवा शुरू करेंगे।
महाराष्ट्र रिक्शा पंचायत के संस्थापक-अध्यक्ष डॉ. बाबा कांबले ने अपर पुलिस आयुक्त सारंग आव्हाड के साथ बैठक के बाद इसकी घोषणा की गयी। इस बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने मीटर-आधारित ऑटो रिक्शा सेवायें लागू करने के लिए प्रशासनिक सहयोग मांगा था।
संगठन के अनुसार, इस पहल के पहले चरण में पीसीएमसी मेट्रो स्टेशनों और आसपास के क्षेत्रों के सभी ऑटो रिक्शा स्टैंडों को शामिल किया जायेगा। पुलिस प्रशासन ने इस पहल के कार्यान्वयन के लिए पूर्ण सहयोग और कानूनी सहायता का आश्वासन दिया है।
महाराष्ट्र रिक्शा पंचायत ने कहा कि पिंपरी-चिंचवड़ में 55,000 से अधिक ऑटो रिक्शा चालक और मालिक ऐप-आधारित परिवहन सेवाओं से प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुए हैं। इस वजह से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन ने यह भी ध्यान दिलाया कि भाड़ा मीटरों का घटता उपयोग ऑटो रिक्शा सेवाओं में यात्रियों के विश्वास को कम कर रहा है।
शहर अध्यक्ष विजय ढगारे पाटिल ने कहा कि सख्ती से मीटर से चलने के साथ-साथ "रिक्शा साझा करने की सुविधा" शुरू करने से आम जनता का विश्वास बहाल करने के साथ-साथ किफायती और पारदर्शी परिवहन की सेवा मिलेगी।
संगठन ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व पुलिस आयुक्त कृष्णा प्रकाश के कार्यकाल के दौरान भी इसी तरह की मीटर-आधारित पहल शुरू की गयी थी। अब संगठन ने अनधिकृत ऑटो रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए, पुलिस प्रशासन और यातायात विभाग के सहयोग से इस प्रणाली को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया है।
अपर पुलिस आयुक्त से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में शहर अध्यक्ष विजय ढगारे पाटिल, राज्य प्रवक्ता धनंजय कुदाले और अन्य शामिल थे।
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