बागेश्वर , जून 07 -- उत्तराखंड के पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक के दौरान लापता नोएडा के ट्रैकर का रविवार तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। ट्रैकर की तलाश तेज कर दी गयी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नोएडा निवासी अभिषेक चौहान कुछ दिन पहले पिंडारी ग्लेशियर की यात्रा के दौरान लापता हो गया था। सूचना मिलते ही सभी एजेंसियां तलाश में जुट गयीं। पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल ( एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) समेत विभिन्न बचाव एजेंसियां लगातार व्यापक स्तर पर तलाश अभियान चलाया गया। बताया गया कि खाती गांव से आगे पिंडारी घाटी के दुर्गम इलाकों में खोज एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
लापता ट्रैकर का आज तक कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद तलाश में स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, राजस्व विभाग, वन विभाग, फायर सर्विस और आपदा मित्रों की संयुक्त टीमें पिंडारी ग्लेशियर सहित आसपास के जंगलों, गहरी खाइयों, गधेरों, चट्टानी क्षेत्रों, उड्यारों और झाड़ी-झंखाड़ वाले इलाकों में गहन खोजबीन कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि तलाशी अभियान में आधुनिक ड्रोन कैमरों की भी मदद ली जा रही है। ड्रोन के माध्यम से पूरे ट्रेक रूट और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की बारीकी से निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित सुराग को तलाशा जा सके।
पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा स्वयं अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। पुलिस टीम परिजनों के संपर्क में है और उसके दोस्तों, परिचितों तथा रिश्तेदारों से भी लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। लापता ट्रैकर मूल रूप से उत्तर प्रदेश में शामली जिला के कैराना तहसील में शेखूपूराका रहने वाला है।
फिलहाल कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और दुर्गम इलाके के बावजूद रेस्क्यू टीमें लगातार अभियान में जुटी हुई हैं, लेकिन समाचार लिखे जाने तक लापता ट्रैकर का कोई पता नहीं चल सका है।
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