बागेश्वर , अक्टूबर 20 -- उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में पिंडारी, सुंदरढूंगा और कफनी ग्लेशियर ट्रैक को सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल शुरू की है।

तीनों प्रमुख हिमालयी ट्रेकिंग मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, संवेदनशील स्थलों में सुधार और पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही साहसिक पर्यटन के माध्यम से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने मंगलवार को अधिकारियों को सुंदरढूंगा और कफनी ग्लेशियर ट्रेक मार्गों का तकनीकी निरीक्षण कर सुरक्षा और आवागमन की स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के आधार पर इन मार्गों पर आवश्यक सुधार कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य तीनों ग्लेशियर ट्रेक पर पर्यटकों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।

इसके तहत ट्रेकिंग मार्गों की स्थिति, संवेदनशील स्थलों, प्रमुख पड़ावों और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी व्यवस्थित करने पर भी काम किया जाएगा। आपदा की स्थिति में उपयोगी जानकारियों को संकलित कर ट्रेकर्स तक पहुंचाने की योजना है, जिससे दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने में मदद मिल सके।

जिला प्रशासन ट्रेकिंग गतिविधियों से स्थानीय ग्रामीणों को जोड़कर आजीविका के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा है। जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर पर्यटन गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रिंगाल से पर्यावरण अनुकूल साइनबोर्ड तैयार कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने के साथ ट्रेकिंग मार्गों पर सूचना व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

इसी क्रम में जिलाधिकारी ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ खाती गांव से पिंडारी ग्लेशियर के जीरो पॉइंट तक करीब 26 किलोमीटर लंबे ट्रेकिंग मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने मार्ग के संवेदनशील और खतरनाक स्थलों का जायजा लेते हुए लोक निर्माण विभाग को आवश्यक सुधार कार्य अविलंब कराने के निर्देश दिए, ताकि ट्रेकर्स को आवागमन में परेशानी न हो।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ट्रेकर्स से बातचीत कर उनके अनुभव और सुझाव भी लिए। उन्होंने अधिकारियों को पूरे ट्रेकिंग मार्ग का विस्तृत मैनुअल तैयार करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि ट्रेकिंग मार्गों पर सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं को मजबूत कर बागेश्वर को साहसिक पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने के साथ स्थानीय लोगों की आजीविका को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

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