भरतपुर , फरवरी 18 -- राजस्थान के धौलपुर में पार्वती नदी के नये पुल और पुरानी रपट के बीच डाले जा रहे कचरे से नदी के प्रदूषित होने की आशंका के चलते पशु प्रेमियों और ग्रामीणों ने बुधवार को प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
बुधवार को बड़ी संख्या में पशुप्रेमियों और ग्रामीणों ने एकत्रित होकर इस स्थिति को गंभीर लापरवाही बताते हुए जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मैले के बाद बचे कचरे का उचित निस्तारण करने के बजाय उसे नदी किनारे फेंका जा रहा है। कचरे के ढेर में प्लास्टिक, सड़ी-गली खाद्य सामग्री और अन्य अपशिष्ट शामिल हैं। भूख मिटाने के लिए आसपास घूम रहे गौवंश इस कचरे को खाने को मजबूर हैं। प्लास्टिक और अन्य हानिकारक पदार्थों के सेवन से उनके बीमार होने की आशंका बढ़ गयी है।
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