देहरादून , फरवरी 18 -- उत्तराखंड के 13 ज़िलों से राजधानी देहरादून पहुंचे लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार को पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ सचिवालय कूच किया। लेकिन पुलिस ने कर्मचारियों को सुभाष रोड पर सचिवालय से पहले बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।

रोके जाने से नाराज कर्मचारी बैरिकेडिंग के निकट सड़क पर ही धरने में बैठ गये और काफी देर तक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।

उत्तरांचल लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत ने कहा कि स्थानांतरण अधिनियम 2017 की धारा के अनुपालन में खंडीय मिनिस्ट्री कर्मचारियों के पारस्परिक स्थानांतरण के नहीं होने के कारण उन्हें राजधानी देहरादून में प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि पारस्परिक स्थानांतरण प्रकरण विगत वर्ष से प्रमुख अभियंता और विभागाध्यक्ष स्तर पर लंबित है। जिसका न्यायोचित समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे कार्मिकों में आक्रोश व्याप्त है।

उनकी मांग पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं होने और शीघ्र समाधान के लिए संगठन के पदाधिकारियों की एक बैठक 9 जनवरी को लोनिवि के प्रमुख अभियंता और विभागाध्यक्ष के साथ 9 जनवरी को हुई थी।

उसके बावजूद कार्मिकों के हित में कोई संतोषजनक परिणाम नहीं निकले ,जिस कारण संगठन के पदाधिकारियों मे आक्रोश है।

एसोसिएशन का कहना है कि विभाग में एक कर्मचारी के जाने और एक कर्मचारी के आने से कोई वित्तीय भार नहीं पड़ने वाला है, यह पारस्परिक स्थानांतरण विभाग का सक्षम अधिकारी कर सकता है।

लेकिन विभागीय अधिकारियो की हठधर्मिता और शासन व विभागीय अधिकारियों के बीच टकराव के कारण पारस्परिक स्थानांतरण नहीं किया जा रहा है। उत्तराखंड में अधिनियम का उल्लंघन किया जा रहा है।

संगठन ने सरकार को चेताया कि अगर उनकी मांग नही मानी गई तो उत्तराखंड के सभी लोनिवि कर्मी यमुना कॉलोनी स्थित विभागीय मुख्यालय में धरना देंगे। उसके बाद भी उनकी मांगे पूरी नहीं होती है तो एसोसिएशन सर्वसम्मति से आंदोलन की अग्रिम रणनीति बनाएगी।

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