मुंबई , मई 24 -- पारसी ट्रस्ट की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। ट्रस्ट का आरोप है कि इस क्रिएटर ने मुंबई के डूंगरवाड़ी परिसर में बिना इजाजत घुसकर पारसी समुदाय के संवेदनशील अंतिम संस्कार के रीति-रिवाजों का वीडियो बनाया है।

यह कार्रवाई तीन सौ साल पुराने इस कब्रिस्तान की देखरेख करने वाले ट्रस्ट 'बॉम्बे पारसी पंचायत' (बीपीपी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और ट्रस्टी आदिल मलिया की शिकायत पर की गई है। पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने और गोपनीयता भंग करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

शिकायत के मुताबिक, 'अल्टीमेट-ज़ोन-प्रिंस' नाम से सोशल मीडिया अकाउंट चलाने वाले एक इन्फ्लुएंसर ने पूरी तरह से निजी और धार्मिक परिसर के भीतर अवैध रूप से वीडियो रिकॉर्डिंग की और उसे इंटरनेट पर अपलोड कर दिया।

पारसी समुदाय के लिए जारी एक बयान में बीपीपी के ट्रस्टियों ने कहा कि आरोपी ने न केवल उनके पवित्र डूंगरवाड़ी परिसर में बिना अनुमति के प्रवेश किया, बल्कि उस वीडियो को इंटरनेट पर फैलाया भी। इससे उनके शांतिप्रिय समुदाय के लोगों की भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं।

ट्रस्टियों ने जोर देकर कहा कि यह हरकत उस जगह की पवित्रता का गंभीर उल्लंघन है, जो दुनिया भर के पारसियों के लिए बहुत बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखती है।

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