भोपाल , मार्च 06 -- मध्यप्रदेश में भोपाल जिले के फन्दा क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा बोंदर के किसान रामसिंह कुशवाह ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए आधुनिक तकनीक के सहारे फूलों और फलों की खेती कर एक नई पहचान बनाई है। कभी धान, गेहूं और सोयाबीन जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने वाले कुशवाह आज बागवानी और ऑटोमेशन तकनीक से प्रतिमाह लाखों रुपये की आमदनी प्राप्त कर रहे हैं।

रामसिंह कुशवाह ने बताया कि सरकार की एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना से उन्हें खेती में नई दिशा मिली है। इसी योजना के तहत उन्होंने पहले एक हजार स्क्वेयर फिट क्षेत्र में पॉली हाउस बनाकर गुलाब और जरबेरा फूलों की खेती शुरू की।

वर्ष 2023-24 में उद्यानिकी विभाग की सहायता से उन्होंने एक एकड़ भूमि में पॉली हाउस स्थापित किया और गुलाब, जरबेरा तथा गेंदा के लगभग 30 हजार पौधे लगाए। वर्तमान में वे प्रतिदिन लगभग चार हजार कट फ्लावर बेचकर चार से छह हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं।

उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने के लिए कुशवाह ने इस वर्ष पॉली हाउस में सेंसर आधारित ऑटोमेशन सिस्टम भी स्थापित किया है। इस प्रणाली की कुल लागत लगभग चार लाख रुपये है, जिसमें से दो लाख रुपये की सब्सिडी सरकार द्वारा प्रदान की गई। इस सिस्टम के माध्यम से पानी, खाद और दवाइयों की संतुलित मात्रा स्वत: पौधों तक पहुंचती है, जिससे श्रम, समय और लागत की बचत हो रही है।

ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली अपनाने से भी उन्हें लगभग 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी का लाभ मिला है। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति के कारण वे प्रतिदिन बड़ी मात्रा में फूलों का उत्पादन कर रहे हैं, जिनकी आपूर्ति लखनऊ, दिल्ली और जयपुर जैसे शहरों तक की जा रही है।

रामसिंह कुशवाह भोपाल जिले में ऑटोमेशन सिस्टम से फूलों की खेती करने वाले पहले किसान बन गए हैं। उनकी सफलता अन्य किसानों के लिए प्रेरणा है कि आधुनिक तकनीक और शासकीय योजनाओं के सहयोग से खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है।

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