Criminals have no fear of law: Rohit Pawar demands swift justice and Shakti Act implementation after Pydhonie shocker Mumbai, July 13 (UNI) In a stinging indictment of the state's crumbling law and order situation, NCP (SP) MLA Rohit Pawar has called for the urgent implementation of the 'Shakti Act' following the brutal sexual assault of a seven-year-old girl in Mumbai's Pydhonie area.Expressing his outrage over the incident, where a security guard allegedly assaulted the minor, Pawar stated that the lack of fear among criminals stems from the failure to deliver swift and consistent justice.Pawar pointed to the recent sentencing in the Pune Nasrapur rape-murder case as a benchmark that is unfortunately not being met in every instance.मुंबई, 13 जुलाई (वार्ता) महाराष्ट्र में मुंबई के पायधोनी इलाके में सात साल की बच्ची के साथ हुई बर्बरता के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरद पवार (एनसीपी-एपी) विधायक रोहित पवार ने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए 'शक्ति एक्ट' को तुरंत लागू करने की मांग की है।

इस घटना पर अपनी नाराजगी ज़ाहिर करते हुए (जिसमें एक सुरक्षा गार्ड पर नाबालिग के साथ उत्पीड़न का आरोप है) श्री पवार ने कहा कि तुरंत और त्वरित न्याय नहीं मिलने से अपराधियों के हौंसले बुलंद हो गए हैं।

श्री पवार ने पुणे के नसरापुर दुष्कर्म-हत्या मामले में हाल ही में सुनाई गई सज़ा का ज़िक्र करते हुए इसे एक मिसाल बताया, जिसका पालन दुर्भाग्य से हर मामले में नहीं हो रहा है।

विधायक ने कहा, "हालांकि नसरापुर मामले में आरोपी को मौत की सज़ा सुनाई गई, लेकिन असलियत यह है कि इतनी तेज़ी से न्याय मिलना आम बात नहीं है। इस देरी की वजह से अपराधी बेखौफ़ हो गए हैं और कानून का डर खत्म हो गया है।"पायधोनी घटना की गंभीरता को उजागर करते हुए श्री पवार ने ज़ोर देकर कहा कि सिर्फ़ अपराधी को गिरफ़्तार करना काफ़ी नहीं है।

उन्होंने 'शक्ति कानून' को तुरंत लागू करने की अपनी मांग दोहराई। यह कानून महिलाओं और बच्चों के ख़िलाफ़ अपराधों के लिए कड़ी सज़ा और तेज़ी से जांच की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित