बैतूल , जुलाई 15 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के पाढर अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 13 वर्षीय बालक की रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक कर उसे नया जीवन दिया। लगभग सात घंटे तक चली इस सर्जरी का पूरा खर्च आयुष्मान भारत योजना के तहत वहन किया गया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पड़ोसी पांढुर्णा जिले के 13 वर्षीय बालक की रीढ़ की हड्डी पिछले दो वर्षों से असामान्य रूप से झुक रही थी। परिजन पहले उसे जिला अस्पताल और बाद में भोपाल तथा नागपुर लेकर गए, जहां जांच में उसे स्कोलियोसिस बीमारी होने की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने जटिल सर्जरी के लिए दिल्ली या मुंबई के बड़े चिकित्सा केंद्र जाने की सलाह दी थी, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार वहां उपचार नहीं करा सका।
इसके बाद राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) से जुड़ी चिकित्सक डॉ. प्राची खंडाल के प्रयासों से बच्चे को पाढर अस्पताल लाया गया। यहां स्पाइन सर्जन डॉ. कैनी डेविड और आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. थॉमस कुरियन भानू ने विस्तृत जांच के बाद सर्जरी का निर्णय लिया।
अस्पताल के अनुसार, चार जुलाई को बच्चे को भर्ती किया गया और आठ जुलाई को विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने लगभग सात घंटे तक चले ऑपरेशन में रीढ़ की हड्डी की विकृति को सफलतापूर्वक ठीक किया। ऑपरेशन के बाद बच्चे की स्थिति स्थिर है। आगामी एक माह तक उसकी फिजियोथेरेपी कराई जाएगी, जिसके बाद उसके सामान्य रूप से चलने-फिरने की संभावना है।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इस प्रकार की स्पाइन सर्जरी बड़े महानगरों के अस्पतालों में सामान्यतः आठ से दस लाख रुपये की लागत से होती है, जबकि पाढर अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीज का उपचार निशुल्क किया गया। अस्पताल प्रशासन ने इसे ग्रामीण क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। परिजनों ने सफल उपचार के लिए चिकित्सकों और आयुष्मान भारत योजना के प्रति आभार व्यक्त किया।
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