जम्मू , नवंबर 9 -- जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पाकिस्तान से आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने वाले राज्य के मूल लोगों के रामबन जिले में रहने वाले रिश्तेदारों की संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने के लिए रविवार को एक व्यापक घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) शुरू किया।

आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि जिले में सुरक्षा व्यवस्था और शांति बनाए रखने के अपने प्रयासों के तहत पुलिस ने रामबन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण गुप्ता की अगुवाई में बनिहाल और गूल में कई स्थानों पर समन्वित तरीके से घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया।

उन्होंने बताया कि ऐसे अभियानों का उद्देश्य पाकिस्तान से सक्रिय जम्मू-कश्मीर के मूल निवासियों (जेकेएनओपी) के रिश्तेदारों की संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाना, संदिग्ध व्यक्तियों के इतिहास की पुष्टि करना और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी करना है। इस अभियान में पाकिस्तान से आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने वाले जम्मू-कश्मीर के मूल निवासयों और सक्रिय कार्यकर्ताओं के रिश्तेदारों और सहयोगियों के घरों की तलाशी ली गई।

उन्होंने कहा, "पुलिस टीमों ने यह सुनिश्चित करने के लिए कई परिसरों का गहन निरीक्षण किया कि कोई राष्ट्र-विरोधी या गैरकानूनी गतिविधियाँ तो नहीं चलाई जा रही हैं।" रामबन पुलिस, सेना, सीआरपीएफ और एसओजी इकाइयों की संयुक्त टीमों ने ड्यूटी मजिस्ट्रेटों के साथ मिलकर जिले के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में अभियान चलाया।

प्रवक्ता ने कहा, "आम जनता को कोई असुविधा पहुँचाए बिना ये अभियान सुनियोजित तरीके से चलाए गये और इस तरह के अभियान क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए जारी निवारक और खुफिया- उपायों का एक हिस्सा हैं।

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