जम्मू , अगस्त 06 -- पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए जम्मू-कश्मीर की (भारतीय जनता पार्टी) भाजपा इकाई ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान तेजी से बिखर रहा है और एक धर्मतांत्रिक/वैचारिक राष्ट्र के रूप में उसकी नींव "विफल विचार" साबित हो रही है।

यहां पार्टी मुख्यालय में एक संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा प्रवक्ताओं अधिवक्ता अंकुर शर्मा, जोरावर सिंह जमवाल और विक्रम मल्होत्रा ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में नागरिक अधिकारों की मांग कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सरकार और उसकी सेना के अत्याचारों तथा मानवाधिकार उल्लंघनों की कड़े शब्दों में निंदा की।

संवाददाताओं को संबोधित करते हुए अधिवक्ता अंकुर शर्मा ने पाकिस्तान को एक ऐसा अधिनायकवादी राज्य करार दिया, जो तेजी से बिखर रहा है और पतन की कगार पर है। श्री शर्मा ने दावा किया कि एक धर्म आधारित राज्य के रूप में पाकिस्तान की नींव एक "विफल विचार" है। इसकी पोल सबसे पहले 1971 में बंगलादेश के निर्माण के समय खुली थी। उन्होंने कहा कि यह वैचारिक विफलता अंततः अपने तार्किक अंत तक पहुंचेगी और इसके कम से कम तीन और प्रांत इससे अलग हो जाएंगे।

बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और सिंध में राज्य प्रायोजित बर्बरता के खिलाफ चल रहे जन आंदोलनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बंगलादेश की तरह ही इन क्षेत्रों का अलगाव भी केवल समय की बात है। इसके अलावा, श्री शर्मा ने दोहराया कि पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू कश्मीर भारत का अविभाज्य अंग है और 1994 के संसदीय संकल्प की भावना के अनुसार सही समय आने पर इसे वापस लिया जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित