बेंगलुरु , अगस्त 10 -- कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के "सभी पाकिस्तानी हमारे दुश्मन नहीं हैं" वाले बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं आरएसएस पर निशाना साधा और केंद्र सरकार से इस पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
श्री हरिप्रसाद ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस पाकिस्तान को लेकर 'दोहरी नीति' अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पाकिस्तान को दुश्मन के तौर पर पेश किया जाता है, जबकि सत्ता में आने के बाद उसके साथ राजनयिक संबंध बनाये रखे जाते हैं। उन्होंने 2019 के पुलवामा आतंकवादी हमले की जांच को लेकर भी केंद्र सरकार की स्थिति पर सवाल उठाया और पूछा कि सरकार इस मुद्दे पर चुप क्यों है। उन्होंने इस मामले को आरएसएस के पाकिस्तान के साथ कथित संबंधों से जोड़ने की कोशिश भी की।
श्री हरिप्रसाद ने सवाल किया, "चुनाव के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक बयान देने वाले भाजपा और संघ परिवार के नेता अब अपने ही सरसंघचालक के बयान पर चुप क्यों हैं?" श्री भागवत के कथित बयान का हवाला देते हुए उन्होंने पूछा कि पुलवामा और पहलगाम जैसे आतंकवादी हमलों तथा सीमा पर सुरक्षा बलों के जवानों के बलिदान की पृष्ठभूमि में इस बयान का क्या अर्थ है।
कांग्रेस नेता ने संसद में विदेश मंत्रालय की छह फरवरी 2026 की कथित प्रतिक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसमें पाकिस्तान को भारत के पड़ोसी देशों में शामिल किया गया था। उन्होंने इसे विधान परिषद में अपने उस पूर्व बयान के समर्थन में पेश किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'पाकिस्तान हमारा पड़ोसी देश है' और इस बयान को लेकर भाजपा नेताओं ने उन पर हमला किया था।
श्री हरिप्रसाद ने भाजपा और उसके वैचारिक पूर्ववर्तियों पर पाकिस्तान को लेकर लंबे समय से असंगत रुख अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भाजपा के पूर्व नेता लालकृष्ण आडवाणी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक राजनीतिक प्रसंगों का भी उल्लेख किया।
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